- विश्व रक्तदाता दिवस पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल में हुआ रक्तदान शिविर
- नाबार्ड के सहयोग से मध्यप्रदेश के चार विशिष्ट उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त
- जैपुरिया इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न; वर्ष 2026 का बैच दुनिया का नेतृत्व करने को तैयार
- Jaipuria Indore Celebrates 14th Convocation; Batch of 2026 Set to Lead the World
- Welcome To The Jungle Trailer Trends #1 Across Languages on YouTube, Film Clinches No.1 Spot on IMDb’s List of TOP 10 Most-Anticipated Indian Films
हमेशा हक व ईमान के रास्ते पर चले: सैयदना
सैफीनगर में मोहरर्म के अशारा मुबारका की पहली वाअज में सैयदना साहेब ने फरमाया
इंदौर। दाऊदी बोहरा समाज के 53 वे धर्मगुरु सैयदना आली कदर मुफ्फद्दल मौला ने मोहर्रम के अशरा मुबारका की पहली वआज बुधवार को सैफीनगर मस्जिद में फरमाई।
सैयदना साहेब ने सुबह 11 से दोपहर 1.30 बजे तक वाअज फरमाई। वाअज के प्रारंभ में सैयदना साहेब के शहजादा सैयदी हुसैन भाईसाहब ने कुरान शरीफ की तिलावट की। देश-विदेश से अब तक बड़ी संख्या में समाजवासी इंदौर आ गये हैं।
मीडिया प्रभारी मजहर हुसैन सेठजी वाला ने बताया कि वाअज स्थल पर जाने के लिए सैफीनगर क्षेत्र के सभी झोनों के निर्धारित रास्तो पर सुबह सात बजे से लंबी कतारे लग गयी थी। इंदौर एवं देश विदेश से बड़ी संख्या में इंदौर आए बुरहानी गार्डस के सदस्य व्यवस्था की कमान संभाले हुऐ थे। समाजवासी भी अनुशासित रह कर बुरहानी गार्डस को सहयोग कर रहे थे। सैफीनगर मस्जिद, मस्जिद परिसर व आसपास के क्षेत्रों में हजारों की संख्या में समाजवासी उपस्थित थे।
पानी खुदा की नेमत
जनसंपर्क समिति के मीडिया विभाग के सदस्य मोहम्मद पिठा वाला व बुरहानुददीन शकरुवाला ने बताया कि वाअज स्थल पर सैयदना साहेब के दीदार होते ही समाजवासी मौला मौला मुफ्फद्दल मौला की सदाएं बुलंद कर रहे थे। सैयदना साहेब ने वाअज मे फरमाया कि हक व ईमान के रास्ते पर चलने से खुदा की रहमत व बरकत मिलती है। पानी हमेशा चूस कर धीरे पीयें, तीन सांस में पानी पीयें। पानी पीने से पहले बिस्मिल्लाह पढ़े।
पानी खुदा की नेमत है इसकी कद्र कर पानी पीने के बाद खुदा का शुक्र भी अदा करे। नमाज़ अदब के साथ अदा करे नमाज़ अदा करते वक्त सजदा देने की जगह पर निगाह रखे। पैगंबर रसुलिल्लाह (स.स.) ने खाना खाने के अदब व सलीका इरशाद फरमाया है इसका पालन करें इससे सेहत दुरुसत रहती है। आले मोहम्मद की मोहब्बत कर उनकी सीरत पर चले। कर्बला में तीन दिन के भूखे प्यासे शहिद हुए इमाम हुसैन पर सलवात पढ़ते रहे।
कई स्थानों पर हुआ सीधा प्रसारण
सैयदना साहेब ने 52 वे धर्मगुरु डॉ सैयदना मोहम्मद बुरहानुददीन मौला के नुरानी व दुआईया कलेमात की जिक्र फरमाई। सैयदना साहेब ने फरमाया कि मोहर्रम की दो तारीख को इमाम हुसैन का काफिला करबला पहुँचा था। सैयदना साहेब ने इमाम हुसैन की शहादत पढ़ी इस अवसर पर अश्क बार आँखों से या हुसैन की सदा के साथ पूरजोश मातम हुआ। सैफीनगर मस्जिद से सैयदना साहाब की वाआज का सिधा आडियो वीडियो प्रसारण बुरहानिया सैफिया मवाईद, एम. एस.बी स्कूल परिसर, न्यू सैफीनगर मरकज़, बद्री बाग मरकज़, सियागंज, बोहरा बाखल, छावनी, नूरानी नगर, अम्मार नगर, गाँधी नगर, मसाकिन सैफिया, हसनजी नगर, राऊ आदि स्थानों पर भी हुुुआ। यहां भी बड़ी संख्या में समाजवासी उपस्थित थे।


